Subhash Chandra Bose Jayanti

Subhash Chandra Bose Jayanti : आज है सुभाष चन्द्र बोस की 128 वीं जयंती, पराक्रम दिवस पर जानें नेताजी के बारे में रोचक तथ्य  

Samay Samachr Digital Desk, नई दिल्ली : Subhash Chandra Bose Jayanti : आज यानि 23 जनवरी को आजादी के आंदोलन  के पराक्रमी नायक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 128 वीं जयंती है. इस विशेष दिन को आधिकारिक तौर पर पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है.  भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले और आजादी के आंदोलन को नई उर्जा देने वाले नेताजी का जन्म उड़ीसा के कटक में 23 जनवरी 1897 को हुआ था. 

नेताजी को उनके साहस और देश की आजादी में योगदान के लिए इस दिन (Subhash Chandra Bose Jayanti) याद किया जाता है. उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय सेना (आजाद हिन्द फ़ौज) की स्थापना की थी और “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का नारा भी नेताजी ने ही दिया था. नेताजी की जिंदगी, विचारों एवं देश के उनके त्याग से युवाओं को आज भी प्रेरणा मिलती है. 

Subhash Chandra Bose Jayanti : पराक्रम दिवस के पीछे की स्टोरी 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सन् 2021 में नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी. नेताजी के परिवार वालों द्वारा इस दिन को प्रेम दिवस घोषित करने की मांग की थी. और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस दिन को देशनायक दिवस के रूप में घोषित करने और पुरे देश में राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की थी. लेकिन सरकार ने 19 जनवरी 2021 को इसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा करदी.

सरकार द्वारा इस दिन को मनाने का उद्देश्य नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के पराक्रम को सम्मान देना है. नेताजी के परिवार के सदस्यों, तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल में वामपंथी दलों के द्वारा  23 जनवरी को नेताजी की जयंती (Subhash Chandra Bose Jayanti) को उनके द्वारा सुझाये गए नामों के बजाय पराक्रम दिवस के रूप में मनाने के केंद्र सरकार के इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की गई.

नेताजी के गायब होने के 5 महीने बाद रंगून में उनकी जयंती मनाई गई. नेताजी की जयंती के दिन त्रिपुरा, असम, ओडिशा, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल में आधिकारिक अवकाश होता है.  

नेताजी मौत आज भी है एक रहस्य 

नेताजी सुभाष चन्द्र बॉस की मौत का कारण आज भी एक रहस्य बना हुआ है. कहा जाता है की उनकी मौत 18 अगस्त 1945 को एक विमान हादसे में हुई थी. लेकिन उनकी लाश नहीं मिली थी.  इसलिए आज तक उनकी मौत का रहस्य नहीं खुल पाया है. (Subhash Chandra Bose Jayanti)

नेताजी के प्रेरणादायक विचार

Subhash Chandra Bose Jayanti

नेताजी के विचारों से आजादी के आंदोलन के दौरान युवाओं को बहुत प्रेरणा मिलती थी और उनमें नई उर्जा का संचार कर देते थे. उनका कहना था कि व्यक्ति को अपनी खुद की ताकत पर भरोसा करना चाहिए, अपना कार्य करने के लिए किसी दुसरे से ली गई मदद घातक साबित हो सकती है. उनका मानना था कि गलत को सहना और उसके साथ समझौता करना सबसे बड़ा अपराध है.

Subhash Chandra Bose Jayanti

नेताजी हमेशा उच्च विचारों पर चला करते थे वे कहते थे कि हमें हमेशा उच्च विचारों के साथ जीना चाहिए क्योंकि उच्च विचार हमेशा आपकी कमजोरियों को दूर करते हैं. नेताजी ने अपने जीवन में संघर्ष को काफी महत्व दिया था. उनका मानना था कि संघर्ष इंसान को बेहतर बनाता है. उन्होंने कहा था कि संघर्ष ने ही उन्हें मनुष्य बनाया और इसकी वजह से ही उनमें आत्मविश्वास पैदा हुआ. 

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Bhavani Shankar

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